Skip to main content

MP में कोरोना LIVE:भोपाल में लगातार दूसरे दिन सबसे ज्यादा 1,669 नए मरीज मिले, इंदौर में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ सकता है

खंडवा, बुरहानपुर, देवास और छिंदवाड़ा में संक्रमण दर घटने लगी

from देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3x3d78j

Comments

Popular posts from this blog

सीएसई रिपोर्ट:स्मॉग केवल दिल्ली-एनसीआर में ही नहीं, गंगा के मैदानों तक फैल चुका; 56 शहरों में वाहन-औद्योगिक प्रदूषण व पराली जलाने से खराब हाल

from देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3EwCu4O

कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हमें काम के महत्व को समझना चाहिए

कहानी- महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। उस समय उन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से ही जाना जाता था। जब वे कोलकाता में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात घोषाल जी से हुई। घोषाल जी ही कांग्रेस कार्यालय का कामकाज देख रहे थे। गांधीजी ने उनसे कहा, 'मैं यहां काम करने आया हूं। कोई काम हो तो बताएं।' घोषाल जी ने गांधी को देखा तो उन्हें लगा कि ये क्या काम करेगा? कुछ सोचकर वे बोले, 'मेरे पास कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। यहां बहुत से पत्र आए हुए हैं। इनमें से जो उपयुक्त हैं, उन्हें अलग निकालना है और उनके उत्तर देना है। क्या तुम ये काम कर सकते हो?' गांधीजी इस काम के लिए तैयार हो गए और उन्होंने पत्रों के जवाब भी दे दिए। घोषाल जी को ये देखकर आश्चर्य हुआ कि एक-एक पत्र को गंभीरता से पढ़ा गया और उनके सही उत्तर भी गांधीजी द्वारा दिए गए। घोषाल जी कार्यालय से निकलने लगे तो उनकी शर्ट के बटन गांधीजी ने लगा दिए। आमतौर ये काम घोषाल जी का सेवक ही करता था। जब गांधीजी ने बटन लगाए तो घोषाल जी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने गा...