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राम रहीम को स्पेशल गेस्ट से मिलवाने वाला DSP सस्पेंड:दिल्ली AIIMS ले जाते वक्त सुरक्षा में तैनात थे शमशेर सिंह, ड्यूटी के दौरान डेरा प्रमुख को VVIP ट्रीटमेंट देने पर गिरी गाज

आरोप-डेरा प्रमुख को AIIMS में कुछ लोगों से मिलवाया गया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थी, वापसी में रास्ते में बार-बार वाहन रोके गए और दो महिलाओं को वाहन में चढ़ाया भी गया,डीएसपी रैंक के एक अधिकारी ने अपने दो उच्चाधिकारियों को एक पत्र लिखकर डेरा प्रमुख पर बरती गई कृपा की जानकारी दी

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कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हमें काम के महत्व को समझना चाहिए

कहानी- महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। उस समय उन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से ही जाना जाता था। जब वे कोलकाता में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात घोषाल जी से हुई। घोषाल जी ही कांग्रेस कार्यालय का कामकाज देख रहे थे। गांधीजी ने उनसे कहा, 'मैं यहां काम करने आया हूं। कोई काम हो तो बताएं।' घोषाल जी ने गांधी को देखा तो उन्हें लगा कि ये क्या काम करेगा? कुछ सोचकर वे बोले, 'मेरे पास कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। यहां बहुत से पत्र आए हुए हैं। इनमें से जो उपयुक्त हैं, उन्हें अलग निकालना है और उनके उत्तर देना है। क्या तुम ये काम कर सकते हो?' गांधीजी इस काम के लिए तैयार हो गए और उन्होंने पत्रों के जवाब भी दे दिए। घोषाल जी को ये देखकर आश्चर्य हुआ कि एक-एक पत्र को गंभीरता से पढ़ा गया और उनके सही उत्तर भी गांधीजी द्वारा दिए गए। घोषाल जी कार्यालय से निकलने लगे तो उनकी शर्ट के बटन गांधीजी ने लगा दिए। आमतौर ये काम घोषाल जी का सेवक ही करता था। जब गांधीजी ने बटन लगाए तो घोषाल जी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने गा...