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डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्मों को लागत से डेढ़-दो गुना ज्यादा रकम मिल रही, यहां डूबने का चांस नहीं लेकिन मुनाफा तयशुदा

‘गुलाबो सिताबो’ पहली हिंदी फिल्म है, जो सिनेमाघर के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई। आने वाले महीनों में छह से ज्यादा फिल्में ओटीटी प्लेटफाॅर्म पर रिलीज होने जा रही हैं, जिनमें विद्या बालन की ‘शकुंतला देवी’ और जान्हवी कपूर की ‘गुंजन सक्सेना- द करगिल गर्ल’ शामिल हैं।

ट्रेड एनालिस्टों का कहना है कि ‘गुलाबो सिताबो’ की मेकिंग काॅस्ट 30 करोड़ रुपए की है। इसे अमेजन ने 60 करोड़ रुपए में खरीदा है। दो गुना दाम दिया है। डिजिटल के अलावा सैटेलाइट पर सोनी के साथ फिल्म की डील 20 करोड़ रुपए में हुई है।

फिल्म सिनेमा घर में रिलीज हुए बिना 50 से 55 करोड़ के फायदे में है

फिल्म की शूटिंग यूपी में होने के कारण 5 करोड़ तक की सब्सिडी भी मिली होगी। देखा जाए तो फिल्म सिनेमा घर में रिलीज हुए बिना 50 से 55 करोड़ के फायदे में है। वहीं, पहुंच की बात करें तो फिल्म अगर थिएटर में रिलीज होती तो 65 देशों तक पहुंचती पर डिजिटल के जरिए इसने 200 देशों तक पहुंच बनाई।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुनाफा तयशुदा
ट्रेड विश्लेषक राज बंसल कहते हैं, ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म के डूबने के चांस भले न हो लेकिन मुनाफा तयशुदा होता है। जब 30 करोड़ में बनी ‘उरी’ 250 करोड़ का बिजनेस करती है, तो बॉक्स ऑफिस की ताकत पता चलती है। इसी तरह 60 करोड़ में बनी ‘कबीर सिंह’ ने 270 करोड़ और 25 करोड़ में बनी ‘स्त्री’ ने बॉक्स ऑफिस से 150 करोड़ रुपए का बिजनेस किया।’

डिजिटल प्लेटफॉर्म की कमाई सब्सक्रिप्शन पर आधारित होती है। इसके तहत अमेजन, नेटफ्लिक्स या अन्य के प्लेटफाॅर्म पर जितने भी कंटेंट मौजूद हैं, उन सब को दर्शक देखते हैं। अब उन्होंने ‘गुलाबो सिताबो’ देखी या नहीं देखी, लेकिन उपभोक्ता ने पैसे तो दे ही दिए। लिहाजा, रिलीज के बाद उसने कितनी कमाई की, उसका आंकड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म वाले नहीं देते हैं।

गुलाबो सिताबो के निर्माता रॉनी लाहिड़ी कहते हैं कि‘सिनेमाघर के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेढ़ गुना ज्यादा पैसे मिलते हैं। उसकी कैलकुलेशन फिल्म की लागत नहीं, बल्कि स्टार वैल्यू से होती है। अमिताभ और आयुष्मान की जो फेस और ब्रांड वैल्यू है, उससे हमें डेढ़ गुना ज्यादा रकम मिली है।’



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जान्हवी कपूर की ‘गुंजन सक्सेना- द करगिल गर्ल’ जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी।


from Dainik Bhaskar /entertainment/news/on-the-digital-platform-films-are-getting-one-and-a-half-times-more-than-the-cost-there-is-no-chance-of-drowning-but-profits-are-fixed-127452312.html

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