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मैक्सिको में महिलाओं का प्रदर्शन, बोलीं- गर्भवती होने पर महिलाएं तकलीफें सहती हैं, गर्भ गिराने और रखने का अधिकार भी हमारा हो https://ift.tt/30gF7Xw

दुनिया के कई देशों में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस मनाया गया। इस मौके पर मैक्सिको में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी- महिलाओं को गर्भ गिराने या रखने का अधिकार मिले। उनका कहना था- जब कोई महिला गर्भवती होती है तो सारी तकलीफें भी उसे ही उठानी पड़ती है। इसलिए यह फैसला महिला का ही होना चाहिए कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं।

महिलाओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। साथ ही खुद के बचाव के लिए सुरक्षा कवच भी बनाया।

मैक्सिको पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने लोहे की रॉड और हथौड़ियों से हमला किया। मालूम हो, 28 सितंबर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह महिलाओं के शरीर पर उनके अधिकार को लेकर एक कोशिश है।

महिलाओं ने हथौड़ियों से सुरक्षा कवच को तोड़ने की कोशिश की। इस घटना में कुछ महिलाएं और पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

पहली बार अमेरिका और कैरेबियाई देशों में 28 सितंबर 1990 को ‘गर्भपात को स्वैच्छिक करने की मांग करते हुए यह दिवस मनाया गया था। लेकिन 2015 में इसका नाम बदलकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस कर दिया गया। तब 47 देशों में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद 2016 में दुनियाभर में प्रदर्शन किए गए थे।



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अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस पर प्रदर्शन करती महिलाएं।


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